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Aa Jee Lein Zara Pramod Rajput
Aa Jee Lein Zara
Pramod Rajput
" आ जी लें ज़रा ", à¤à¤• ख़ूबसूरत ग़ज़लों, गीतों और नज़à¥à¤®à¥‹à¤‚ का संगà¥à¤°à¤¹ है जिसके कवि पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ राजपूत हैं । पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ राजपूत मूलतः बिहार के छपरा ज़िला के à¤à¤• छोटे से गाà¤à¤µ चतà¥à¤°à¤ªà¥à¤° से हैं और २००३ से अमेरिका के निवासी हैं। वे यूठतो पेशे से सॉफ़à¥à¤Ÿà¥à¤µà¥‡à¤¯à¤° इंजीनियर हैं मगर हिंदी और उरà¥à¤¦à¥‚ ग़ज़लों और नज़à¥à¤®à¥‹à¤‚ का शौक़ सà¥à¤•ूल के दिनों से ही रखते हैं। अपने कॉलेज के ज़माने से ही मिरà¥à¤œà¤¼à¤¾ ग़ालिब की ग़ज़लों के बहà¥à¤¤ बड़े पà¥à¤°à¤¶à¤‚सक रहे हैं। पà¥à¤°à¤®à¥‹à¤¦ राजपूत की रचनाओं में पà¥à¤°à¥‡à¤® और मानवीय जज़à¥à¤¬à¤¾à¤¤à¥‹à¤‚ का अदà¥à¤à¥à¤¤ मिशà¥à¤°à¤£ होता है जो शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾à¤“ं और पाठकों का दिल छू लेता है। इनकी कà¥à¤› रचनाà¤à¤ जीवन, दरà¥à¤¶à¤¨ और पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ से परिपूरà¥à¤£ हैं। क़रीब २५ सालों तक उचà¥à¤š तकनीकी नौकरी करने के पशà¥à¤šà¤¾à¤¤, २०१ॠसे इनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपनी इस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेना शà¥à¤°à¥‚ किया और उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ देश-विदेश के मà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤°à¥‹à¤‚ और कवि समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ शौक़ से सà¥à¤¨à¥‡ जाते हैं। ॠफ़रवरी २०१९ को इनकी à¤à¤• ग़ज़ल के कà¥à¤› शेर संसद में पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ शà¥à¤°à¥€ नरेंदà¥à¤° मोदी जी और विपकà¥à¤· के नेता शà¥à¤°à¥€ मलà¥à¤²à¤¿à¤•ारà¥à¤œà¥à¤¨ खड़गे जी ने अपने à¤à¤¾à¤·à¤£ में कहे जो मीडिया और पà¥à¤°à¥‡à¤¸ में बहà¥à¤¤ दिनों तक चरà¥à¤šà¤¾ का विषय बने रहे।
| Media | Books Paperback Book (Book with soft cover and glued back) |
| Released | December 20, 2019 |
| ISBN13 | 9781646506576 |
| Publishers | Notion Press |
| Pages | 308 |
| Dimensions | 152 × 229 × 18 mm · 453 g |
| Language | Hindi |